परिकल्पना की नयी पहल : ब्लॉग परिक्रमा पर आपका स्वागत है , पधारने के लिए धन्यवाद !

बुधवार, 1 दिसम्बर 2010

वर्ष-२००८ के अग्रणी ब्लोगर

........गतांक से आगे ....

हिंदी ब्लोगिंग के समूचे परिदृश्य के बिहंगावलोकन के क्रम में मैंने वर्ष-२००३ से वर्ष-२००८ तक के सक्रिय और महत्वपूर्ण ब्लॉग का उल्लेख कर चुके हैं , संभव है कुछ और महत्वपूर्ण ब्लॉग शेष रह गए हों , जिनकी चर्चा न की जा सकी हो । अब आज के इस अंक में हम आपको ले चलते हैं कुछ ऐसे ब्लोगर के पास जो अपने-अपने फन में माहिर है ।

ऐसे प्रेरणाप्रद चिट्ठाकारों की चर्चा करें , उससे पहले हम कुछ विशेष चिट्ठों की चर्चा करने जा रहे हैं जिनका जिक्र अबतक नहीं हो पाया किन्तु वे विशेष सम्मान के हकदार थे । पहला ब्लॉग है - तस्लीम

यह विज्ञान पर आधारित कम्युनिटी ब्लॉग है । इस ब्लॉग के कर्ताधर्ता हैं लखनऊ के जाकिर अली रजनीश । तस्लीम कोई उर्दू का शब्द नही अपितु स्थानीय मुद्दों पर जागरूकता फैलाने वाले वैज्ञानिकों की टीम के अंगरेजी नाम का संक्षिप्त रूप है । इसका मकसद है आप अपने आस-पास की प्रकृति और विज्ञान को कितना समझते हैं ।

इस ब्लॉग पर जितने सुंदर और सारगर्भित विचार देखने को मिले हैं उतनी ही सुंदर तस्वीर भी डाले जाते रहे हैं । तस्वीरों के जरिय बाकायदा विज्ञान पहेली चलती है। स्थानीय मुद्दों पर आधारित ब्लॉग की श्रेणी में यह ब्लॉग यकीनन श्रेष्ठ है। वर्ष – २००८ में इस ब्लॉग पर जो महत्वपूर्ण पोस्ट मुझे देखने को मिली , वह थी लखनऊ की गंदी हो रही गोमती नदी को लेकर चिंता दिखाई पड़ती है तथा उसकी सफाई के लिए जनता के स्तर पर हो रही कोशिशों के प्रति उत्साह भी ।


आईये अब एक ऐसे विशिष्ट ब्लॉग की ओर रूख करते हैं , जो न्यायिक गतिविधियों पर केन्द्रित है ...यह सर्वविदित है कि हमारा

न्याय और न्याय की धाराएं इतनी पेचीदा हो गयी है , कि अदालत का नाम सुनकर व्यक्ति एकबार काँप जाता है जरूर क्योंकि बहुत कठिन है इन्साफ पाने की डगर । हमारा मकसद यहाँ न तो न्यायपालिका पर ऊंगली उठाने का है और न ही किसी की अवमानना का । पर यह कड़वा सच है की हमारी प्रक्रिया इतनी जटिल हो गयी है की इन्साफ का मूलमंत्र उसमें कहीं खोकर रह गया है। आदमी को सही समय पर सही न्याय चाहकर भी नही मिल पाता। ऐसे में अगर कोई नि:स्वार्थ भाव से आपको क़ानून की पेचीदिगियों से रू-ब-रू कराये और क़ानून की धाराओं के अंतर्गत सही मार्ग दर्शन दे तो समझिये सोने पे सुहागा । ऐसा ही इक ब्लॉग है – तीसरा खम्बा. ब्लोगर हैं कोटा राजस्थान के दिनेश राय द्विवेदी ।

इस वर्ष एक और महत्वपूर्ण ब्लॉग का आगमन हुआ -सत्यार्थ मित्र , जिसने देखते ही देखते हिंदी ब्लॉग जगत में अपनी सार्थक उपस्थिति से सबका मन मोह लिया । सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी के निजी लेखों से भरा-पडा यह ब्लॉग अपने आप में अनूठा है । अनूठा का अभिप्राय है कि इसके आलेख संस्कृतियों और संस्मरण के ईर्द-गिर्द चक्कर काटते नज़र आते हैं । हिंदी का यह पहला ब्लॉग है जिसकी समस्त सामग्रियों को पुस्तक का रूप देकर संग्रहनीय बनाया गया है ।

आज तपेदिक हो गया है सच को , कल्पनाएँ लूली- लंगडी हो गयी है और बार- बार मर्यादा की गलियारों में घूमते हुए लोग जब सामना करते हैं अपनी गलतियों का तो कहते हैं शायद विधाता को यही मंजूर है ….!

ऐसे में जब हमारे बीच का कोई ब्लोगर सच उजागर करने की दिशा में कार्य कर रहा हो तो उसका स्वागत किया जाना चाहिए । इस श्रेणी के पांच सामुदायिक ब्लॉग इस वर्ष ज्यादा सक्रिय दिखे – नारी,दाल रोटी चावल चोखेरवाली ,
भडास ब्लॉग, भड़ास और मुहल्ला

इन सब में से दाल रोटी चबल, नारी और चोखेरवाली ब्लॉग इसी वर्ष शुरू हुआ , किन्तु पहले ही वर्ष में इसकी दृढ़ता और सक्रियता ने सबको अचंभित कर दिया ।यहाँ महिला की उपलब्धि भी हैं , महिला की कमजोरी भी और समाज के रुढ़िवादि संस्कारों का नारी पर असर कितना और क्यों ? यहाँ पर संवाद भी हैं समाज के दूसरे वर्गों से । संवाद सब वर्गों के लिये खुला हैं । कमेन्ट दे कर हमारी सोच को विस्तार भी दे और सही भी करे क्योकि हम वहीलिख रहे हैं जो हम को मिला हैं या बहुत ने भोगा हैं । किसी को लगता हैं हम ग़लत हैं तो हमे जरुर बताये कई बार प्रश्न किया जा रहा हैं कि अगर आप को अलग लाइन नहीं चाहिये तो अलग ब्लॉग क्यूँ ?? इसका उत्तर हैं कि " नारी " ब्लॉग एक कम्युनिटी ब्लॉग हैं जिस की सदस्या नारी हैं जो ब्लॉग लिखती हैं । ये केवल एक सम्मिलित प्रयास हैं अपनी बात को समाज तक पहुचाने का.....!नारी ब्लॉग पर केवल महिला ब्लॉगर लिखती हैं और चोखेर बाली ब्लॉग पर कोई भी ब्लोगर लिख सकता हैं ।इस क्षेणी के और भी ब्लॉग हैं पर साँझा ब्लॉग केवल यही हैं हिंदी ब्लोगिंग मे जो आज भी सक्रिये हैं


हिन्दी को समृध्द करने में हमारी क्षेत्रीय भाषाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है , इसलिए हिन्दी ब्लॉग की चर्चा के क्रम में क्षेत्रीय भाषाओं के महत्वपूण ब्लॉग की चर्चा न की जाए तो बेमानी होगा । क्षेत्रीय भाषाओं में कई चिट्ठे सक्रिय हैं और सब एक पर एक । उसी भीड़ से मैंने दो मोती निकाले हैं जो वर्ष-२००८ में अत्यधिक सक्रीय थे । पहला है
भोजपुर नगरिया और मिथिला मिहिर


पहला है भोजपुरी में और दूसरा है मैथिलि में । भोजपुरी के ब्लॉग पर ब्लोगर प्रभाकर पांडे देवरिया से लेकर कुशीनगर तक की कथाओं का जिक्र करते है और मिथिला मिहिर पर मैथिलि भाषा की दुर्लभ रचनाएँ आपको मिलेंगी ।

वर्ष-२००८ में हिन्दी चिट्ठा क्रान्ति के अग्रदूत और नए चिट्ठाकारों के लिए प्रेरणा के प्रकाश पुंज रहे ये ब्लोगर –

( नामों का उल्लेख वरीयताक्रम में नही है , अपितु वर्णानुक्रम में है )

(१) शब्दावली में अग्रणी - श्री अजित वाडनेकर (२) सकारात्मक टिपण्णी में अग्रणी - श्री अनूप शुक्ल (३) साफ़गोई में अग्रणी - श्री डॉ अमर कुमार (४) विज्ञान में अग्रणी - श्री अरविन्द मिश्रा (५) व्यंग्य में अग्रणी - श्री अविनाश वाचस्पति (६) हास्य में अग्रणी - श्री अशोक चक्रधर (७) तकनीकी पोस्ट में अग्रणी - उन्मुक्त (८) सामुदायिक गतिविधियों में अग्रणी -श्री जाकिर अली रजनीश (९)कानूनी सलाह में अग्रणी - दिनेश राय द्विवेदी (१०) सिनेमा संवंधित फीचर में अग्रणी- श्री दिनेश श्रीनेत (११) चिंतन में अग्रणी - दीपक भारतदीप (१२) विनम्र शैली में अग्रणी - श्री नीरज गोस्वामी (१३) क्षेत्रीय भाषा भोजपुरी में अग्रणी-श्री प्रभाकर पांडे (१४) सकारात्मक प्रतिक्रया में अग्रणी- श्री पंकज अवधिया (१५) सकारात्मक सोच में अग्रणी -श्री महेंद्र मिश्रा (१६) तकनीकी सृजन में अग्रणी- श्री रवि रतलामी (१७) शिक्षा- दीक्षा में अग्रणी -श्री शास्त्री जे सी फिलिप (१८) ज्योतिष में अग्रणी- श्रीमती संगीता पुरी (१९) प्रशंसा -प्रसिद्धि में अग्रणी- श्री समीर लाल (२०) सामयिक सोच -विचार में अग्रणी- श्री ज्ञान दत्त पांडे ........नारी आधरित मुद्दों मे नीलिमा , सुजाता और रचना तथा (२१) गीतात्मकता में अग्रणी रहे राकेश खण्डॆलवाल .........!

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26 टिप्पणियाँ:

Suman ने कहा…

nice

shikha varshney ने कहा…

Achhee jaankaaree.

अजय कुमार झा ने कहा…

संग्रहणीय जानकारी सहेज रहे हैं ..आपके श्रम को सलाम

गगन शर्मा, कुछ अलग सा ने कहा…

आपके परिश्रम को सलाम है।

रचना ने कहा…

नारी ब्लॉग को उसका उचित स्थान देने के लिये थैंक्स । नारी ब्लॉग पर केवल महिला ब्लॉगर लिखती हैं और चोखेर बाली ब्लॉग पर कोई भी ब्लोगर लिख सकता हैं । इसी समय एक और ब्लॉग भी था जो बहुत पसंद किया गया था
उसका लिंक http://daalrotichaawal.blogspot.com
ये हैं । इस क्षेणी के और भी ब्लॉग हैं पर साँझा ब्लॉग केवल यही हैं हिंदी ब्लोगिंग मे जो आज भी सक्रिये हैं

रचना ने कहा…

( नामों का उल्लेख वरीयताक्रम में नही है , अपितु वर्णानुक्रम में है )

इसमे
नारी आधरित मुद्दों मे नीलिमा , सुजाता और रचना का नाम भी होता लिस्ट अधूरी ना लगती

रवीन्द्र प्रभात ने कहा…

रचना जी,
आपके हर सुझाव को आलेख से जोड़ दिया गया है , इसी तरह महत्वपूर्ण जानकारियों को शेयर करके इस दस्तावेज को पूर्ण करने में आप हमें आगे भी सहयोग करती रहेंगी , dhanyavaad !

फ़िरदौस ख़ान ने कहा…

बहुत अच्छी जानकारी है...नारी ब्लॉग का ज़िक्र करने के लिए शुक्रिया...

'उदय' ने कहा…

... prasanshaneey charchaa ... shaandaar post !!!

अविनाश वाचस्पति ने कहा…

इतनी मेहनत आपकी
हम हैं आपके समक्ष नत
छिपी हुई कलियों यानी छिपकलियों का कहना है कि बिन बोले अब मुझे, नहीं कहना है

Tarkeshwar Giri ने कहा…

Bahut Khub

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

ब्लोगर्स से सम्बंधित अच्छी जानकारी मिली ....मेहनत से लिखे लेख के लिए आभार

रचना ने कहा…

भड़ास ब्लॉग - यशवंत
मुहल्ला ब्लॉग - अविनाश

रवींद्र जी
ये दोनों ब्लॉग २००६ से हिंदी ब्लोगिंग मे थे एक बार चेक करले । ये २००८ मे नहीं बने हैं ।

शिवम् मिश्रा ने कहा…


बेहतरीन पोस्ट लेखन के बधाई !

आशा है कि अपने सार्थक लेखन से,आप इसी तरह, ब्लाग जगत को समृद्ध करेंगे।

आपकी पोस्ट की चर्चा ब्लाग4वार्ता पर है-पधारें

रवीन्द्र प्रभात ने कहा…

रचना जी,
मैंने यहाँ भड़ास और मुहल्ला को २००८ में आने की बात की ही नहीं, मैंने तो ये कहा है की ये सभी ब्लॉग २००८ में सर्वाधिक सक्रीय रहे हैं !

मनोज पाण्डेय ने कहा…

आपकी मेहनत से लिखे लेख के लिए आभार !

रचना ने कहा…

sorry ravindra ji

वन्दना ने कहा…

बहुत मेहनत का काम ……………बढिया प्रस्तुति।

POOJA... ने कहा…

thank you for these infos... M new to this world, so totally unknown form them...

Tausif Hindustani ने कहा…

आपने तो पूरा पूरा का ज़खीरा प्रस्तुत कर दिया है
बढियां प्रस्तुति
dabirnews.blogspot.com

sanjay ने कहा…

sangrahniya post.......

next zen....recall you as mile stone in hindi blogging.


pranam

note: one blog'mahajal par suresh chiplunkar' need a revew for its right position.

महेन्द्र मिश्र ने कहा…

बहुत बहुत आभारी हूँ ...

माधव( Madhav) ने कहा…

अच्छी जानकारी

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ ने कहा…

आपके प्रयासों को तस्‍लीम करता हूँ।

(तस्‍लीम का शब्दिक अर्थ अभिवादन अथवा सलाम होता है)

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ईश्‍वर ने दुनिया कैसे बनाई?
उन्‍होंने मुझे तंत्र-मंत्र के द्वारा हज़ार बार मारा।

महेन्द्र मिश्र ने कहा…

समयचक्र: हिंदी ब्लॉगों के लिए नये एग्रीगेटर के विकल्पों पर विचार करना जरुरी है

नरेश सिह राठौड़ ने कहा…

बहुत मेहनत से ये पोस्ट तैयार की गयी है इस प्रकार की पोस्ट यदा कडा ही देखने में आती है | आभार |

ये हैं हमारे प्रथम परिकल्पना सम्मान-२०१० के सम्मानित सदस्यगण